आज बदलते युग में
नेता से ज्यादा बेटा बदल रहा है
नेता तो कुर्सी के लिए
जान देने को तत्पर परन्तु
‘बिल्लो रानी’ कहे न कहे
आज का बेटा जान लेने के लिए
चलता है लेकर लाव-लश्कर
नेता जी को कुर्सी में ही
तीनों लोक नजर आते हैं
परन्तु आज के बेटे तो
जहाँ दिखी ‘‘ऐश’’
वहीं पसर जाते हैं
नेता जी को याद नही
‘जनता’ से किये वादे
पर आज बेटा ‘मंजनू’ बन
पूरे कर रहा है ‘लैला’ के इरादे
वित्तीय समावेशन, डिजिटल नवाचार से ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स तक, भारतीय डाक सुदूर
क्षेत्रों तक निभा रहा अहम भूमिका- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
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भारतीय डाक विभाग अपनी दूरदर्शी कार्यशैली और ‘डाक सेवा-जन सेवा’ के मूल मंत्र
के साथ देश के कोने-कोने तक विश्वसनीय एवं सुलभ सेवाएँ पहुँचाने में निरंतर
अग्र...
2 हफ़्ते पहले

1 टिप्पणी:
लिखा तो अच्छा है आपने पर इशारा कौन है? नेता का बेटा या कोई भी बेटा
पाठकों पर अत्याचार ना करें ब्लोगर
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