मंहगाई की मार से
केन्द्र हुआ लाचार
झटपट काबू पाने के
होने लगे विचार
होने लगे विचार
खाद्यान आयात करेंगें
गेहूँ, चावल, दलहन से
भण्डार भरेंगें
निजी फ्लोर मिलों के द्वारा
करेंगें हम आयात
बहु भण्डार भरेंगें अपने
होगा राशन पर्याप्त
होगा राशन पर्याप्त
न कोई भूखा सोये
करें थोड़ा सा सहन
न कोई आपा खोये
मंहगाई की मार से
जन जीवन है त्रस्त
एयर कंडीशन बैठक में
सब मंत्री है मस्त
सब मंत्री हैं मस्त
‘रमई’ का छिना निवाला
मंहगाई की धुंध में
निकल गया है दिवाला
मंहगाई बढ़ती गयी,
कम न हुई मिलावट
कीमत चढ़ती ही गयी
मानक में हुई गिरावट
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मानक में हुई गिरावट
सभी का सपना टूटा
सत्ता लोलुप लोगों ने
निर्धन को लूटा
कल्लू की पहँच से
अब बैंगन है दूर
जीवन जिनके बिन न चले
उनकी कीमत हमसे दूर
कल्लू ने है त्याग दिया
लेना बैंगन का भर्ता
लल्लू ने भी छोड़ दिया
अब पहनना कुर्ता
मंहगाई की मार से
निकला सबका तेल
नित्य नया हो रहा
मंहगाई का खेल !!
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क्षेत्रों तक निभा रहा अहम भूमिका- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
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2 हफ़्ते पहले
