आओ उनकी याद दिलायें
जो अब नहीं मिलते
जो अपने फटे मामलों को
कभी नही सिलते
ये हैं लुटिया चोर, टिकिया
चोर मुर्गी चोर , अण्डा चोर
ये चोर वक्त की करवट की तरह
अब ठण्डे आमलेट हो गये हैं
वक्त की पर्त में लम्पलेट हो गये हैं
आज आधुनिक युग विकसित चोर पाये जाते हैं
जैसे ‘कर’ चोर, बिजली चोर
ये चोर बहुतायत में पाये जाते हैं
आज ‘चित-चोर’ की जगह
‘‘वित्त-चोर’’ का बोल बाला है
इस चोर ने समाज औ सरकार का
हर नट-बोल्ट खोल डाला है
इन नये चोरों का एक ही सिद्धान्त है
इनकी कृत्य की कड़ी का अलबेला वृतान्त है
कि केवल वित्त ही चुराओ
यदि कभी पकडे़ जाओं
तो ‘‘वित्त’’ देकर ही
सामने वाले का ‘चित’ चुराओ
IIM Ahmedabad Post Office inaugurated at N-GEN (Next GEN) themed, revamped
Post Office in Gujarat
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भारतीय डाक डिजिटल सोच, आधुनिक सुविधाएँ और युवा ऊर्जा के साथ नए भारत की
रफ्तार में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पारंपरिक डाक सेवाओं से आगे
बढ़ते हुए ...
1 हफ़्ते पहले

2 टिप्पणियां:
‘‘वित्त-चोर’’ का बोल बाला है
इस चोर ने समाज औ सरकार का
हर नट-बोल्ट खोल डाला है
इन नये चोरों का एक ही सिद्धान्त है
इनकी कृत्य की कड़ी का अलबेला वृतान्त है
भारती जी
आपकी रचना वर्तमान व्यवस्था पर करार व्यंग्य करती है ..पर क्या कहें यह लोग नहीं सुधरने वाले ...आपने बहुत सजीदगी से पिरोया है शब्दों को ...शुक्रिया आपका ...हार्दिक शुभकामनायें
आपका लेखन बहुत सशक्त है यूँ ही अनवरत लिखते रहिये ...ब्लॉग जगत तो समृद्ध करते रहिये ...शुक्रिया
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