सोमवार, 21 जून 2010

पितृ दिवस पर विशेष

लाल मेरे माना तुझे जन्म न दिया
लेकिन तुझे मैंने अपना नाम दिया है
पाल पोश ‘माँ ‘ ने तुझे है बड़ा किया
हर कदम पर मैंने भी तो साथ दिया है
माना कि नौ माह, माँ ‘ का प्यार बड़ा है
मैंने भी खुद से ज्यादा तुझे प्यार किया है
अगुली पकड़ के माँ ने तुझे चलना सिखाया है
डगमगाये कदम तो मैंने थाम लिया है
मुसीबत में माँ ने तुझे अंक भर लिया
मैंने भी मुसीबत को नाकाम किया है।

2 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

बिल्कुल सही कहा………………मां के साथ साथ पिता के योगदान को नकारा नही जा सकता।
इसी पर मैने भी कुछ लिखा है यहाँ पढियेगा।
http://vandana-zindagi.blogspot.com

KK Yadava ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्तियाँ...बधाई.