सोमवार, 22 मार्च 2010


जिंदगी में सदा मुस्कुराते रहो

जिंदगी एक रात है ,
जिसमे न जाने कितने खवाब है
जो मिल गया वो अपना है ,
जो टूट गया वो सपना है
ये मत सोचो की जिंदगी में कितने पल है ,
ये सोचो की हर पल में कितनी जिंदगी है
तो हर पल जिंदगी हंस कर जियो ,
हर पल को जी भर के जियो
हस्ते रहो मुस्कुराते रहो
प्रस्तुतकर्ता संजय भास्कर पर

5 टिप्‍पणियां:

Amitraghat ने कहा…

बढ़िया कविता.........."
amitraghat.blogspot.com

रश्मि प्रभा... ने कहा…

shaandaar abhivyakti

JHAROKHA ने कहा…

ek behatareen rachana jo jidagi ko jeene ke liye prerit karti hai.

ज्योति सिंह ने कहा…

जिंदगी एक रात है ,
जिसमे न जाने कितने खवाब है
जो मिल गया वो अपना है ,
जो टूट गया वो सपना है
ये मत सोचो की जिंदगी में कितने पल है ,
ये सोचो की हर पल में कितनी जिंदगी है
तो हर पल जिंदगी हंस कर जियो ,
हर पल को जी भर के जियो
हस्ते रहो मुस्कुराते रहो
प्रस्तुतकर्ता संजय भास्कर पर
behtrin rachna

संजय भास्कर ने कहा…

MERI KAVITA KO APNE BLOG ME JAGAH DI

MERE LIYE SOBHGYA KI BAAT HAI SIR..