आज बदलते युग में
नेता से ज्यादा बेटा बदल रहा है
नेता तो कुर्सी के लिए
जान देने को तत्पर परन्तु
‘बिल्लो रानी’ कहे न कहे
आज का बेटा जान लेने के लिए
चलता है लेकर लाव-लश्कर
नेता जी को कुर्सी में ही
तीनों लोक नजर आते हैं
परन्तु आज के बेटे तो
जहाँ दिखी ‘‘ऐश’’
वहीं पसर जाते हैं
नेता जी को याद नही
‘जनता’ से किये वादे
पर आज बेटा ‘मंजनू’ बन
पूरे कर रहा है ‘लैला’ के इरादे
Postmaster General Krishna Kumar Yadav turns birthday into a green legacy :
49 years, 49 saplings
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भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों को परमात्मा का प्रतीक मान कर उनकी पूजा का विधान
बनाया गया है। हमारी साँसें चलती रहें, इसके लिए ऑक्सीजन बेहद जरुरी है।
पर्याव...
2 हफ़्ते पहले

1 टिप्पणी:
लिखा तो अच्छा है आपने पर इशारा कौन है? नेता का बेटा या कोई भी बेटा
पाठकों पर अत्याचार ना करें ब्लोगर
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