जाने क्यों लोग ऐसा करते हैं
जिनको कहते हैं अपना
नित्य प्रति उन्हीं को दुख पहुँचाते है
वे जानते है कि जो,
आज हुआ है प्रचलित
वही भविष्य के जगमगाहट में
हो जायेगे विस्मृत
फिर भी न जाने क्यों
दोहराते है इतिहास
और कल के आगोश में
बन जाते है परिहास
घोर आश्चर्य है कि
करते हैं उपेक्षा उनकी
मात्र दो रोटी और कुछ बुंदे
भूख-प्यास है जिनकी
जिन्होंने चार-पाँच को,
अकेले है पाला
वही उन्हे नही दे पा रहे है
मात्र दो कौर निवाला
अब तो वे न आ रहे
है ‘‘बूँदो’’ के काम
जिनके लालन-पालन में
नहीं किया विश्राम
यहाँ सभी को याद है
‘‘श्री गीता’’ का ज्ञान
कर्मो के आधार पर
फल देता भगवान
फिर भी इस संदेश को
है जाते वे भूल
Department of Posts released Customized Stamp and Special Cover on Group
Mangalam at Ahmedabad, Gujarat
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Department of Posts released a Customized Stamp and a Special Cover on
“Group Mangalam – 84 Years of Successful Journey,” founded by the Late Shri
Tejmal...
1 दिन पहले

1 टिप्पणी:
Badhiya rahi..
_______________
शब्द सृजन की ओर पर पढ़ें- "लौट रही है ईस्ट इण्डिया कंपनी".
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