नीट संकट और परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता
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भारत की प्रतियोगी परीक्षा-व्यवस्था केवल प्रवेश की प्रक्रिया नहीं, बल्कि
सामाजिक न्याय, अवसर और प्रतिभा-परीक्षण का आधार है। जब राष्ट्रीय पात्रता सह
प्रवेश...
1 हफ़्ते पहले

5 टिप्पणियां:
बढ़िया कविता.........."
amitraghat.blogspot.com
shaandaar abhivyakti
ek behatareen rachana jo jidagi ko jeene ke liye prerit karti hai.
जिंदगी एक रात है ,
जिसमे न जाने कितने खवाब है
जो मिल गया वो अपना है ,
जो टूट गया वो सपना है
ये मत सोचो की जिंदगी में कितने पल है ,
ये सोचो की हर पल में कितनी जिंदगी है
तो हर पल जिंदगी हंस कर जियो ,
हर पल को जी भर के जियो
हस्ते रहो मुस्कुराते रहो
प्रस्तुतकर्ता संजय भास्कर पर
behtrin rachna
MERI KAVITA KO APNE BLOG ME JAGAH DI
MERE LIYE SOBHGYA KI BAAT HAI SIR..
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