राह उड़ती धूल ने तुझको पुकारा '
और बहती पवन ने "दामन" संवारा !
मुस्कराते "चाँद" ने भी चाँदनी दी '
और "रजनी" तेरे ही आगोश में थी !
डगमगाते पग भी जब संवर न पायें '
तो बताओ राह चलकर क्या करोगे !
जिंदगी कि लहर में न टिक सके तो '
मौत कि पगडंडियों में भटकते रहोगे !
कदम क्योँ बढाते हो नजरें झुकाकर '
हो क्यों भागते दुःख से दामन छुडाकर !
झंझावतों से जो टकरा न पाए '
तो अंध-कन्दराऔ में भटकते रहोगे !
डाक विभाग ने लागू की नई व्यवस्था : अब साधारण डाक की भी हो सकेगी ऑनलाइन
ट्रैकिंग - पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
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डाक विभाग से सामान्य डाक भेजने के बाद उसके गंतव्य तक पहुंचने को लेकर बनी
रहने वाली चिंता अब नहीं रहेगी। अब साधारण (अनअकाउंटेबल) डाक भी ऑनलाइन ट्रैक
की जा...
1 महीना पहले

1 टिप्पणी:
बहुत सुन्दर रचना । आभार
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